युथ एवं इको क्लब के अंतर्गत पोषण वाटिका,जल संरक्षण,प्लास्टिक नियंत्रण आदि विषयों पर प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन
मुंगेली// राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा रायपुर के दिशा निर्देशानुसार मुंगेली जिला के जिला कलेक्टर श्री राहूल देवजी एवं जिला पंचायत सीईओ श्री पाण्डेय जी के मार्गदर्शन में मुंगेली जिला के जिला शिक्षा अधिकारी श्री जी घृतलहरे, मुंगेली विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती प्रतिभा मंडलोई एवं बीआरसी श्री सूर्यकांत उपाध्याय के नेतृत्व में जिला मास्टर ट्रेनर पीतांबर दास मानिकपुरी एवं श्री दिनेश कुमार साहू के द्वारा युथ एवं इको क्लब के अंतर्गत पोषण वाटिका,जल संरक्षण,प्लास्टिक नियंत्रण आदि विषयों पर प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन 20 एवं 21मार्च 2025 को बी आर सी भवन मुंगेली में आयोजित किया गया ।
इस विकासखंड स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला में मुंगेली विकासखंड के 37 संकुल के 90 विद्यालय से एक-एक शिक्षक कुल 90 प्रशिक्षार्थी शिक्षकों ने अपनी सहभागिता प्रदान की। विकासखण्ड स्तरीय
यूथ एवं ईको क्लब प्रशिक्षण का शुरुआत करते हुए बीआरसीसी श्री सूर्यकांत उपाध्याय ने सभी शिक्षकों को अपने मूल कर्तव्यों को शालेय स्तर पर अपनी जिम्मेदारियां को ईमानदारी के साथ निष्ठा पूर्वक एवं रुचि पूर्वक आत्मीयता के साथ अपने कर्तव्यों को पूर्ण करने के लिए प्रोत्साहित किया ।साथ ही साथ उन्होंने बच्चों को विभिन्न विषयों के आवश्यक बेसिक शिक्षा के बारें में भी जानकारी प्रदान की उन्होंने आगे कहा कि अपने आसपास के वातावरण को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए हमें व्यक्तिगत स्तर पर प्लास्टिक उत्पादों का उपयोग कम करना होगा हमें प्लास्टिक के बदले पुनः प्रयोग में ले जाने योग्य पैक्स बॉटल्स और अन्य वस्तुओं का उपयोग करना चाहिए इसके अलावा हमें प्लास्टिक कचरे का सही तरीके से निस्तारण करना होगा और दूसरों को भी इसके बारे में जागरूक करना होगा ।
प्रशिक्षण के अगली कड़ी में जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर श्री पीतांबर दास मानिकपुरी और दिनेश कुमार साहू ने ऑडियो वीडियो पीपीटी और अन्य माध्यमों से प्लास्टिक की खोज निर्माण इतिहास प्लास्टिक के कोड एवं उनके सात प्रकार पीईटी ,एसडीपी, पीवीसी, एलडीपी ,एचडीपी एस पी और अन्य प्लास्टिक के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई तथा उन्हें पुनः उपयोग, पुनः चक्रण में आने वाले प्लास्टिक को की जानकारी प्रदान की गई तथा उनसे आग्रह किया गया कि इन्हीं प्लास्टिकों का उपयोग करें और अपने दैनिक जीवन में अमल करें साथ ही साथ अपने आसपास रहने वाले लोगों को भी प्रोत्साहित करें। 21 मार्च विश्व जल दिवस के अवसर जल संरक्षण पर आधारित विभिन्न जानकारियां प्रदान की गई।इसके अंतर्गत जल स्रोतों की स्वच्छता, संरक्षण हेतु जन जागरुकता को प्रोत्साहित करने हेतु आग्रह किया गया। साथ ही जल संरक्षण के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम ,प्लास्टिक के दुष्प्रभाव, विद्यालय में पोषण वाटिका का निर्माण, पोषण वाटिका निर्माण हेतु विभिन्न प्रकार के पौधों की मैपिंग करना सिखाया गया । विद्यालय में पोषणवाटिका का निर्माण छात्र-छात्राओं के भविष्य के लिए एक कदम, पोषण वाटिका का अर्थ, विशेष महत्व, रसायन रहित खेती, पोषण वाटिका क्लब, मिट्टी की तैयारी ,फसल चक्रण, मिश्रित फसल, प्लास्टिक साक्षरता के तहत पर्यावरण सर्वेक्षण कार्य ,जल प्रदूषण, जल संरक्षण ,समुद्र पर प्लास्टिक के दुष्प्रभाव, प्लास्टिक के विकल्प ,बाल कैबिनेट का गठन एवं उसके कार्य यूथ क्लब इको क्लब के गठन, कार्य ,गतिविधियां आदि के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की गई।
इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती प्रतिभा मंडलोई जी एवं बीआरसीसी सूर्यकांत उपाध्याय जी ने प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा करते हुए मार्गदर्शन प्रदान किया। जल संरक्षण एवं प्लास्टिक शिक्षा पर उन्होंने कहा कि प्लास्टिक का उपयोग कम करने , पर्यावरणीय प्रदूषण ,प्लास्टिक के दुष्प्रभाव, जल संरक्षण के लाभ, प्रत्येक विद्यालय में पोषण वाटिका का निर्माण एवं लाभ को विस्तारित रूप से जानकारी प्रदान की। आगे उन्होंने कहा कि पोषण वाटिका के माध्यम से जैविक खाद का निर्माण, शुद्ध एवं हानिकारक रसायन रहित फल सब्जी आदि प्राप्त कर सकते हैं।प्लास्टिक से होने वाले नुकसानों को नजरअंदाज करना अब संभव नहीं है इसके कचरे के कारण न केवल पर्यावरण बल्कि मानव जीवन और अन्य के अस्तित्व के लिए भी खतरे की घंटी बज रही है , इस समस्या का समाधान केवल तभी संभव होगा जब हम प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाएं और पुनर्चक्रण को बढ़ावा दें साथ ही वैकल्पिक सामग्री का उपयोग और प्लास्टिक के बजाय बायोडिग्रेडेबल उत्पादों की ओर रुझान बढ़ना होगा इस दिशा में सरकार उद्योग और नागरिकों को मिलकर एक साथ मिलकर कड़े कदम उठाने होंगे ताकि हम इस समस्या का समाधान ढूंढ सके और आने वाली पीढियों के लिए एक सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित कर सके। बीआरसीसी उपाध्याय जी ने यूथ क्लब के गठन की प्रक्रिया एवं गति विधियों के बारे में प्रकाश डाला। जिला प्रशिक्षकों ने विभिन्न जानकारी प्रदान करते हुए आदर्श पोषण वाटिका का निर्माण, वृक्षारोपण ,बागवानी, सीड बॉल निर्माण आदि के बारे में जानकारी प्रदान की,प्रशिक्षण के दौरान विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री मंडलोई मैडम ने प्लास्टिक का विकल्प पेपर बैग निर्माण को प्रोत्साहित किया। जिला प्रशिक्षक श्री दिनेश साहू ने जीवामृत,बीजामृत एवं नीमार्क तैयार करने की विधी बताई।
पोषण वाटिका के लिए नक्शे (मैपिंग )का निर्माण , विभिन्न प्रकार के पौधों का रोपण जो परस्पर सहयोग और पोषण करने वाले पौधों आदि की जानकारी प्रदान की गई ।
सभी मास्टर प्रशिक्षकों ने यूथ एवं ईको क्लब के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यूथ क्लब के तहत बच्चों में जीवन जीने का कौशल ,आत्म सम्मान ,आत्मविश्वास विकसित करने, तनाव, भय और संकोच जैसे मनोविकारों को दूर कर जीवन में लचीलापन विकसित करने के उद्देश्य से प्रत्येक विद्यालय में यूथ क्लब की स्थापना की गई है।
इको क्लब के तहत बच्चों को अपने आसपास के पर्यावरण और जैव विविधता के प्रति जागरूक और संवेदनशील बनाने, पर्यावरण गतिविधियों और प्रोजेक्ट पर कार्य करने की क्षमता प्रदान करने की उद्देश्य से प्रत्येक शासकीय विद्यालयों में इको क्लब की स्थापना की गई है।
0 टिप्पणियाँ